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मोटापा कम करने के आसान तरीके! जानिए मोटापा कैसे कम करें, एवं मोटापा कम करने के लिए डाइट चार्ट

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मोटापा कम करने के बारे में जितनी सारी बातें की जाती है, दरअसल मोटापा कम करना, उतना सरल भी नहीं है। अभी तक कोई ऐसी जादू की छड़ी नहीं बनी की छूते ही आपकी बॉडी शेप में आ जाए और आप बिल्कुल फिट हो जाओ। आपको इसके लिए दृढ़ संकल्प लेना होगा, निरंतर प्रयास करने होंगे और संतुलित आहार के साथ साथ नियमित रूप से व्यायाम/एक्सरसाइज भी करने आवश्यक है। तो आइए जानते हैं, वे कौन कौन से व्यायाम तथा आहार हैं, जो आपके शरीर के मोटापे को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं, ताकि आप हरदम तंदरुस्त और तरोताजा बने रहें।


सबसे पहले हम बॉडी फिटनेस के लिए किए जाने वाले शारीरिक गतिविधियों (Physical Activities), या एक्सरसाइज के बारे में बात करते हैं। फिजिकल activities, या एक्सरसाइज को उसकी इंटेंसिटी के आधार पर तीन भागों में बांटा जा सकता है – लो इंटेंसिटी, मॉडरेट इंटेंसिटी तथा हाई इंटेंसिटी। अब हमारे मन में यह सवाल जरूर उठ रहा होगा कि लो इंटेंसिटी, मॉडरेट इंटेंसिटी या हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज कौन कौन से हैं। तो आईए, हम आपको सरल शब्दों में इसके बारे में विस्तार से बताते हैं।

एक्सरसाइज की इंटेंसिटी को समझने के लिए, हमें सबसे पहले, अपने दिल के धड़कन की गति को मापना आना होगा, जो हम बड़ी आसानी से कर सकते हैं। इसके लिए, अपनी उम्र के वर्ष को 220 से घटाएं, जैसे यदि आपकी उम्र 40 वर्ष है, तो 220-40= 180, सामान्यतः यह गति आपके दिल के धड़कन की अधिकतम गति (maximum heart rate) प्रति मिनट मानी जाती है। आप अपने पल्स रेट (pulse rate) के अध्ययन द्वारा भी अपने दिल के धड़कन का अनुमान लगा सकते हैं। इसके अलावा, दिल के धड़कन की अधिकतम गति जानने के लिए, बाज़ार में कई तरह के यंत्र भी उपलब्ध हैं, जैसे फिटनेस बैंड आदि। आपने, अपने दिल के धड़कन को मापना सीख लिया होगा तो अब आप एक्सरसाइज की इंटेंसिटी को आसानी से समझ सकते हैं।


1. लो इंटेंसिटी एक्सरसाइज

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यदि किसी एक्सरसाइज के दौरान, आपका अधिकतम हर्ट रेट 40 से 50 % तक बढ़ जाता है तो इसे लो इंटेंसिटी एक्सरसाइज माना जाता है, लेकिन एक्सरसाइज के दौरान इन सब बातों का ध्यान रखना मुश्किल है, तो हम आपको इसका भी एक आसान तरीका बताते हैं, जो आप एक्सरसाइज करने के साथ साथ भी परख सकते हैं, यह है, “टॉक टेस्ट” । यदि एक्सरसाइज के समय, बात करने या गाना गाने के दौरान आपकी सांसे नहीं टूटती, तो आप लो इंटेंसिटी एक्सरसाइज कर रहे हैं। जैसे टहलना (walking) आदि।

यह सत्य है कि, low intensity एक्सरसाइज हमारे शरीर के वजन को कम करने में उतना अधिक सक्षम नहीं है, लेकिन यह हमें शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहने में काफी मदद करता है। टहलना (walking). किसी भी रूप में फायदमंद है लेकिन यदि हम खुले में प्राकृतिक आवो हवा में टहलते हैं तो इसका लाभ दो गुणा अधिक हो जाता है।


2. मॉडरेट इंटेंसिटी वाले एक्सरसाइज

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प्रोपर वर्कआउट को मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज कहा जाता है, low intensity एक्सरसाइज की गति बढ़ा देने से भी यह मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज की श्रेणी में आ जाता है, जैसे तेज चलना, जॉगिंग, आदि। इसके अलावा, बायसाइकिलिंग, रस्सी कूदना, तैरना, एरोबिक्स आदि अन्य मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज हैं। मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान, आपके दिल के धड़कने की गति अधिकतम हर्ट रेट से 50 से 70 % तक बढ़ जाता है। जहां तक “टॉकटेस्ट” की बात है, मॉडरेट एक्सरसाइज के दौरान आप बात तो कर सकते हैं लेकिन गाने के एक दो बोल से अधिक आप गा नहीं सकते क्योंकि आपकी सांसे टूटने लगती है।

मॉडरेट इंटेंसिटी एक्सरसाइज से आरंभ में आपको लगेगा कि अधिक फायदा नहीं हो रहा है, लेकिन लंबे समय तक एक्सरसाइज जारी रखने से आपको निश्चित तौर पर इसका लाभ नजर आने लगेगा।


3. High इंटेंसिटी एक्सरसाइज (HIIT)

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High इंटेंसिटी एक्सरसाइज कम समय में वजन कम करने में सक्षम है। High इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान आपके दिल के धड़कने की गति अधिकतम हर्ट रेट से 70 से 85 % तक बढ़ जाता है, और जहां तक “टॉक टेस्ट” की बात है,

High इंटेंसिटी एक्सरसाइज के दौरान आप गाना तो बिल्कुल नहीं गा सकते, एक दो शब्द से अधिक बोल भी नहीं सकते, आपकी सांसे टूटने लगती है। वजन कम करने के लिए हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज के अन्तर्गत हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) आजकल काफी लोकप्रिय हो रहा है। इस एक्सरसाइज के दौरान, आपके दिल के धड़कने की गति काफ़ी बढ़ जाती है, इसे वापस नॉर्मल करने के लिए कुछ सेकंड्स का रेस्ट लिया जाता है और फिर इसे दोहराया जाता है। बट्ट किक, जंपिंग लंग्स, बरपिज (burpees), mountain climbers आदि इसके उदाहरण हैं। HIIT एक्सरसाइज treadmill पर भी किया जा सकता है।

यहां, एक बात आपको बताना जरूरी है कि, अधिक पसीना आने का एक्सरसाइज की इंटेंसिटी से कोई संबंध नहीं है। अगर पसीना ज्यादा आ रहा है तो यह हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज है, ऎसा कतई नहीं है। अधिक पसीना का आना, कई कारणों से हो सकता है, जिसमें आपकी शारीरिक स्थिति, लिंग, मौसम और आस पास का वातावरण आदि का काफी प्रभाव पड़ता है।

अब हम आपको, कुछ मॉडरेट और हाई इंटेंसिटी एक्सरसाइज तथा इसे करने की प्रकिया के बारे में विस्तार से बताते हैं, जो आपके मोटापा को कम करने में आपकी मदद करता है।


4. रस्सी कूदना (Jump Rope)

रस्सी कूदना एक बढ़िया कार्डियो एक्सरसाइज है। पहले वॉर्म अप करने के लिए, 8 से 10 बार रस्सी कूदें फिर एक से डेढ़ मिनट के तीन सेट में कूदना शुरु करें, हरेक सेट के बाद, 15 से 20 सेकंड का विश्राम करना चाहिए।


5. बर्पीस (Burpees)

कैलोरी बर्न करने की दृष्टि से बर्पिस एक बेहतर एक्सरसाइज है। यह स्क्वॉट्स, पुशअप्स और जंपिंग का बेजोड़ मिश्रण है, जो ना केवल हमारे पूरे शरीर की चर्बी को कम करने में मदद करता है, बल्कि मांसपेशियों, छाती और पैरों को भी मजबूत बनाता है। इसे रोज इसे मात्र 5 मिनट करने की जरूरत है, 30 सेकंड में 10 बार करने के बाद 30 सेकंड का रेस्ट लेकर इसे फिर दुहराएं।


6. पुशअप (Pushups)

पुशअप हमारे मसल्स, चेस्ट और भुजाओं को मजबूत बनाता है। शुरू में, संख्या कम रखें और इसे धीरे धीरे इसे बढ़ाएं।


7. वजन उठाना (Dead lifts)

वजन उठाना भी एक आसान और प्रभावी एक्सरसाइज है। यह एक्सरसाइज आपके शरीर के उपर और लोअर दोनों अंगों को मजबूती प्रदान करता है। आरंभ कम वज़न से करें और अपनी शक्ति के अनुसार इसे धीरे धीरे बढ़ाएं।


मोटापा कम करने के लिए क्या खाएं (डाइट चार्ट)

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आइए अब हम आपको बताते हैं कि एक्सरसाइज के साथ साथ वे कौन कौन से आहार लेना चाहिए जो आपके मोटापा को जल्द से जल्द कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं। लो फैट डायट ना केवल हमारे शरीर के मोटापा को कम करने में मदद करता है बल्कि कई अन्य बीमारियों से भी हमें बचाता है और उन्हें ठीक करने में भी मददगार साबित होता है।


1. फ्रूट सलाद एवं स्प्राउट का मिश्रण

अंकुरित मूंग, चना, मूंगफली, अनार दाना, पपीता, कीवी, केला, सेव, नाशपाती आदि फ्रूटस और स्प्राउट्स का मिश्रण तैयार करें तथा इसमें एक नींबू का रस मिलाकर अच्छी तरह से मिलाएं। रोज सुबह सुबह इस आहार का सेवन, ना केवल आपको दिनभर तरोताजा और तंदरुस्त बनाए रखता है, बल्कि आपके मोटापा को भी नियंत्रित करता है।


2. पत्तेदार सब्जियां

पत्तेदार सब्जियों में सामान्यतः कोई फैट नहीं होता और इसमें स्वास्थ्यवर्द्धक मिनरल्स, कैल्सियम, पोटैसियम तथा विटामिन्स भरपुर मात्रा में पाया जाता है। एक शोध के मुताबिक, पत्तेदार सब्जियां, हर्ट से संबंधित बिमारियों, डायबीटिज, कैंसर आदि से बचाव में भी मददगार होते हैं।

आम तौर पर पाए जाने वाले पत्तेदार सब्जियां हैं:

  • पालक
  • अरबी का पत्ता
  • सरसों का साग
  • स्विस चार्ड आदि

ताजे पत्तेदार सब्जियों को सलाद के साथ अथवा अन्य खाद्य पदार्थों के साथ भी लिया जा सकता है।


3. फली वाली सब्जियां या दाल

फली (बीन्स)का इस्तेमाल दाल या सब्जियों के रूप में किया जाता है। इसमें फैट नहीं होता तथा कोलेस्ट्रॉल की मात्रा काफी कम होती है। फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स इसमें पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।


4. मशरूम (Mushrooms)

मशरूम एक स्वादिष्ट और फैट फ्री आहार है, साथ ही इसमें कई स्वास्थ्यवर्द्धक तत्व मौजूद होते हैं। इसका उपयोग शताब्दियों से आहार एवं दवाईयों के रूप में किया जाता रहा है।


5. मौसमी फल (Seasonal Fruits)

विभिन्न प्रकार के फल, ना केवल मीठे और खाने में स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि यह लो फैट और एंटीऑक्सिडेंट (antioxidant) होते हैं, जिसके नियमित सेवन से, हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है और हम कई तरह के बीमारियों से खुद को बचाते हैं। आपने सुना ही होगा, “one apple a day, keep doctors away”.


6. क्रूसिफेरस (Cruciferous) सब्जियां

क्रूसिफेरस (Cruciferous) सब्जियों में फाइबर, फॉलेट, मिनरल्स, विटामिन्स आदि पोषक तत्वों की भरपूर मात्रा मौजूद होते हैं। इनमें फैट नहीं होता जो इसे बेहतरीन आहार बनाते हैं। इसमें मौजूद ग्लूकोसिनोलेट (glucosinolates) में कैंसर रोधी तत्व मौजूद होते हैं।

क्रूसिफेरस (Cruciferous) आसानी से बाज़ार में उपलब्ध होने वाली सब्जियां हैं, जैसे:

  • ब्रोकली
  • बंदगोभी
  • फूल गोभी, आदि

7. लहसन (Garlic)

लहसन ना केवल हमारे खाने के स्वाद को बढ़ाता है, बल्कि इसका उपयोग प्राचीन काल से ही औषधि के रूप में किया जाता रहा है। इसका नियमित उपयोग हमारे शरीर के रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। सर्दी जुखाम की दवा के रूप में भी इसका इस्तेमाल किया जाता है। इसके उपयोग से ब्लड प्रेशर तथा कोलेस्ट्रॉल कम होने के भी प्रमाण मिले हैं।


8. लो फैट डेयरी उत्पाद

लो फैट डेयरी उत्पाद के अन्तर्गत स्किम्ड मिल्क या फैट फ्री दुध, लो फैट दही, कॉटेज चीज आदि आते हैं। दुध से बने इन उत्पादों में, कैल्शियम, प्रोटीन, मिनरल्स तथा विटामिन्स भरपुर मात्रा में पाया जाता है।


9. अंडे की जर्दी (Egg Whites)

अंडा पूरी तरह से फैट फ्री नहीं होता क्योंकि इसके योर्क (पीला भाग) में फैट और कोलेस्ट्रॉल मौजूद होते हैं, लेकिन यदि योर्क को निकाल दिया जाय तो इसमें मौजूद सफेद भाग फैट फ्री तथा प्रोटीन का बेहतरीन सोर्स माना जाता है।


मोटापा कम करने के लिए क्या पिएं

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अब हम आपको कुछ ऐसे पेय पदार्थो के बारे में बताते हैं, जो आम तौर पर सबके घरों में पाया जाता है। रोज सुबह इसके सेवन से आपके शरीर की अतिरिक्त चर्बी खत्म होती है और आपका मोटापा कम होता है, इन पेय पदार्थों की सूचि नीचे दी जा रही है, जो आप घर में ही तैयार कर सकते हैं।


1. सौंफ के बीज का पानी

सौंफ के बीज का इस्तेमाल करने से हमारे शरीर के मेटबॉलिज्म को मजबूती मिलती है, जो मोटापा कम करने में काफी मददगार होता है। सौंफ के बीज को रात भर पानी में डालकर छोर दें और सुबह खाली पेट सेवन करें।


2. जीरा पानी

जीरा हमारे दैनिक आहार का एक अभिन्न अंग है। जीरा का इस्तेमाल हम कई रूपों में करते हैं, जैसे, सब्जियों या दाल का तड़का लगाने में, जीरा राइस, कड़ी, रायता आदि के साथ। लेकिन जीरा वॉटर हमारे शरीर के मेटाबॉलिज्म को भी मजबूती प्रदान करता है और मोटापा कम करता है। बस एक चम्मच जीरा, एक ग्लास पानी में डालकर रात भर छोर दें, सुबह खाली पेट इसका इस्तेमाल करें।


3. अजवाइन का पानी

अजवाइन का इस्तेमाल लोग प्राचीन काल से ही, पाचन संबंधी समस्यायों जैसे, पेट दर्द, अपच, खट्टी डकारें आना, गैस बनना आदि से राहत के लिए देशी उपाय के तौर पर करते आ रहे हैं, लेकिन खाली पेट इसका पानी पीने से यह हमारा मोटापा कम करने में भी काफी सहायक है। दो चम्मच सेंका हुआ अजवाइन एक ग्लास पानी में डालकर अच्छी तरह मिक्स करें तथा रात भर छोर दें, अगली सुबह इसे छानकर इसका पानी पीएं, इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें, कुछ ही दिनों में आप फर्क महसूस करेगें।


4. नींबू पानी (लेमन वॉटर)

नींबू में एंटीऑक्सिडेंट तथा पैक्टीन फाइबर भरपुर मात्रा में पाया जाता है जो हमारे शरीर के अतिरिक्त फैट को बर्न करता है। एक ग्लास पानी में एक नींबू निचोड़ दें तथा एक चम्मच शहद मिलाकर रोज सुबह खाली पेट पीने से आपका मोटापा निश्चित ही कम होने लगेगा।


5. ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद कैफ़ीन और फ्लेवोनॉयड्स, आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म, फैट ऑक्सिडेशन तथा इंसुलिन को बढ़ाता है। रिसर्च से यह बात सामने आई है कि ग्रीन टी के नियमित सेवन से आप तीन महीने में एक से डेढ़ किलो तक अपना वजन कम कर सकते हैं। ग्रीन टी के अत्यधिक सेवन करने की सलाह नहीं दी जाती है, इसका दिन में तीन बार सेवन सर्वाधिक लाभकारी माना गया है।

बाज़ार में कई तरह के ग्रीन टी उपलब्ध हैं, आप अपने स्वाद के अनुसार किसी का भी चयन कर सकते हैं। इसे अधिक उबालने की सलाह नहीं दी जाती है, क्यूंकि इससे, इसके कई सारे लाभकारी तत्व नष्ट हो जाते हैं। इसे बिना चीनी मिलाए पीना अधिक फायदेमंद होता है।


मोटापा कम करने के आसान तरीके – निष्कर्ष

आप दिनभर में जितनी कैलोरी अपने खान-पान के रूप में अपने शरीर के अंदर ग्रहण करते हैं, जबतक आप उससे अधिक कैलोरी बर्न नहीं करते, आप अपने शरीर की चर्बी या मोटापा को कम करने में कामयाब नहीं हो सकते। कार्डियो एक्सरसाइज इस कार्य में आपकी मदद करता है इस एक्सरसाइज के दौरान आपके दिल की धड़कन तेज हो जाती है और कहा जाता है कि किसी भी एक्सरसाइज के दौरान, आपका दिल जितनी अधिक तेज गति से धड़कता है, उतनी ही ज्यादा आपके शरीर की केलोरी बर्न होती है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, औसतन रोज लगभग 45 से 50 मिनट का एक्सरसाइज उपयुक्त माना गया है। यदि आपके पास लगातार 45 से 50 मिनट तक एक्सरसाइज करने का वक्त नहीं है तो भी मायूस होने की जरूरत नहीं है, अपनी सुविधनुसार आप इसे अलग अलग भागों में भी बांट सकते हैं, जैसे, 15- 20 मिनट सुबह, 15- 20 मिनट दोपहर में खाने के बाद टहल लिया और फिर 15- 20 मिनट रात में डिनर के बाद

High intensity एक्सरसाइज कम समय में अधिक कैलोरी बर्न करने में मददगार होते हैं लेकिन, आरंभ में ही High intensity वाले एक्सरसाइज करने से आपको नुकसान भी हो सकता है। इसलिए, शुरुआत low intensity एक्सरसाइज से करें और धीरे धीरे हाई intensity पर शिफ्ट करें। Exercise के चुनाव में भी सावधानी बरतें, उसी एक्सरसाइज का चुनाव करें जिसे आप एन्जॉय कर सकें या जिसे करते हुए आपको येसा ना लगे कि आप मजबूरी में कर रहे हों। जिस एक्सरसाइज को करने में आप बोरियत महसूस करते हैं, वे एक्सरसाइज ना करें, तभी आप इसे रेगुलर रख सकते हैं।

इसके अलावा, अधिक से अधिक पैदल चलने की आदत अपनी दिनचर्या में शामिल करें। लिफ्ट की जगह, सीढ़ियों का इस्तेमाल करें। छोटी छोटी दूरियों तक जाने के लिए, कार या बाइक का इस्तेमाल ना करें, जहां तक संभव हो, पैदल ही चलें। आप जितना अधिक पैदल चलते हैं, उतनी ही अधिक आपकी केलॉरी बर्न होती है, इससे आपको मोटापा जल्द कम करने में काफी मदद मिलती है।

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मैं पेशे से एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं, हालांकि मशीनें मुझे उतनी उत्साहित नहीं करती, जितना कि शब्द करते हैं। मुझे लिखना बहुत पसंद है और विभिन्न स्रोतों से मैं लिखने का अभ्यास करता रहता हूं। कुछ समय से मैने इंटरनेट पर अपना योगदान देना शुरू किया है। मैं अंग्रेजी में कुछ अन्य ब्लॉग भी चला रहा हूं। मुझे इस बात की आवश्यकता महसूस हुई कि हिंदी में एक अच्छी वेबसाइट होनी चाहिए जो हिंदी पढ़ने वाले समुदाय को उपयोगी सामग्री प्रदान कर सके। इसलिए, यह ब्लॉग मुख्य रूप से केवल हिंदी पाठकों के लिए केंद्रित है और हर शब्द विशुद्ध रूप से देवनागरी लिपि में लिखा गया है।

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