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भारत-चीन सीमा विवाद विस्तार से

भारत चीन युद्ध 2020, भारत चीन सीमा विवाद, चाइनीज़ ऐप्स लिस्ट, साइबर अटैक, गलवान घाटी विवाद

भारत और चीन का रिश्ता दो हजार साल से भी ज्यादा पुराना है, मशहूर सिल्क रूट भारत और चीन के बीच आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों का जरिया था। बौद्ध धर्म भारत से ही चीन गया था, बौद्ध धर्म के शांति, करुणा और अहिंसा के सिद्धांत का चीन के लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव था, इस मार्ग का उपयोग चीन में बौद्ध धर्म के प्रचार प्रसार के लिए भी किया गया, भारत और चीन के आपसी रिश्तों में काफी नजदीकियां आ गई थी।

द्वितीय विश्वयुद्ध के समय, जापान-चीन युद्ध के दौरान भारत ने चीन का ही समर्थन किया था। इतना ही नहीं, जब युद्ध के दौरान काफ़ी संख्या में चीनी सैनिक घायल हो गए और उनके इलाज के लिए डॉक्टरों की कमी हो गई थी तो भारत ने डॉक्टर कोटनिस के नेतृत्व में डॉक्टरों का दल चीन भेजा था। डॉक्टर कोटनिस के योगदान को चीन कभी नहीं भुला सकता। युद्ध की समाप्ति के बाद चीन में महामारी फैल गई थी, जिससे काफी संख्या में वहां लोगों की मौत होने लगी तब डॉक्टर कोटनिस ने ही उनके इलाज के लिए टीका विकसित किया था। उस टीके का परीक्षण उन्होंने खुद पर ही किया था, जो उस समय सफल रहा था और इससे काफी लोगों की जान बचाने में मदद मिली थी। लेकिन, इलाज के दौरान डॉक्टर कोटनिस खुद भी संक्रमित हो गए थे और अपने आप को इस बीमारी से नहीं बचा पाए और उनकी मृत्यु हो गई।

भारत और चीन के आपसी रिश्तों को और अधिक मजबूती देने के उद्देश्य से ही दोनो देशों के बीच पंचशील समझौता किया गया था, जो बुद्ध के सिद्धांतों पर ही आधारित था। इस समझौते में दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग बढ़ाने, एक दूसरे पर हमला नहीं करना शामिल था।


भारत चीन विवाद की शुरुआत

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भारत और चीन के बीच विवादों की शुरुआत 1959 में तब हुई थी, जब चीन ने तिब्बत पर अपना आधिपत्य जमा लिया और भारत ने वहां के निष्कासित शासक दलाई लामा को भारत में शरण देने का निर्णय लिया।

भारत चीन प्रथम युद्ध (1962)

1962 में चीन ने तिब्बत से लगे हिमालयन क्षेत्र पर अपना अधिकार जताते हुए भारत पर हमला कर दिया और भारत के एक बड़े भू भाग पर कब्जा कर लिया जिसे (Sino-India) युद्ध या भारत-चीन युद्ध के रूप में जाना जाता है। यह हमला भारत के लिए अप्रत्याशित था, जिसके लिए भारत बिल्कुल भी तैयार नहीं था। यह युद्ध लगभग एक महीने तक चला, जिसमें अंततः चीन विजयी हुआ था, यह युद्ध पीठ में खंजर घोपने के समान था जो चीन द्वारा पंचशील समझौते का उलंघन करते हुए किया गया था।


भारत चीन द्वितीय युद्ध (1967)

इसके बाद फिर 1967 में चीन ने भारतीय क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, इसबार चीन ने सिक्किम से लगे अपनी सीमा को चुना और नाथू ला (Nathu La) और चो-ला (Cho La) क्षेत्र में घुसने की कोशिश की, लेकिन इस बार भारत सतर्क था और महज चार दिनों में ही चीन को अपनी हार माननी पड़ी और उसे चो- ला से अपनी सेना को पीछे हटाना पड़ा।


भारत चीन तृतीय युद्ध (1987)

भारत और चीन की सेनाएं 20 वर्षों के बाद पुनः युद्ध के लिए आमने सामने थी, इसबार चीनियों ने अरुणाचल प्रदेश के सुमदोरोंग चू वैली (Sumdorong Chu Valley) में घुसपैठ की कोशिश की, जिसका भारतीय सैनिकों ने डटकर मुकाबला किया और बिना किसी खून खराबे के चीनी सैनिकों को पीछे हटने को मजबुर होना पड़ा।


डोकलाम विवाद

इस युद्ध के बाद दोनों देश की सेनाएं 2017 में एक बार फिर एक दुसरे के सामने आई, जब चीनी सेना ने भूटान सीमा पर स्थित डोकलाम में घुसने की कोशिश की और एक बार फिर चीनी सेना को पीछे हटने को मजबुर होना पड़ा।


गलवान घाटी विवाद

अभी हाल ही में गलवान घाटी में प्रभुत्व को लेकर भारत और चीन की सेनाएं एक दुसरे के सामने आ गई। यह विवाद मई के महीने में शुरू हुआ था, जब LAC पर गस्त के दौरान, चीनी सेना द्वारा LAC पर चीनी निर्माण की बात सामने आई, जबकि दोनों देशों के बीच हुए समझौते के अनुसार LAC पर कोई भी देश किसी भी प्रकार का कोई निर्माण कार्य नहीं कर सकता। इस विवाद को सुलझाने के लिए दोनों देशों के उच्च सैन्य अधिकारियों के बीच बातचीत का दौर भी जारी था, और चीनी सेना के अधिकारी इस बात पर सहमत भी हो गए थे कि चीनी सेना विवादित स्थल से पीछे हट जाएगी। इसी बात की तसदीक करने 15 जून की रात भारतीय जवानों की टुकड़ी गलवान घाटी की तरफ गई थी और इसी बीच विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों देशों की सेनाएं आपस में उलझ पड़ी और भारत को अपने बीस सैनिकों को खोना पड़ा। चीन के भी चालीस से पैंतालीस सैनिकों के मारे जाने की खबरें हैं जिसे वह खुलकर स्वीकार नहीं कर रहा है।

भारत और चीन के बीच लगभग 3500 किलोमीटर की लंबी सीमा रेखा है (LAC) जिसका कोई भी सीमांकन नहीं किया गया है। चीन अपनी विस्तारवादी नीति के कारण अक्सर कहीं न कहीं विवाद को जन्म देता रहता है। चीन का विवाद केवल भारत से ही नहीं है, बल्कि तिब्बत, भूटान, मलेशिया, श्रीलंका और जापान के साथ भी अक्सर उसका सीमा विवाद चलता रहता है।


चीनी ऐप्स जो भारत द्वारा बैन किए गए हैं

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चीन को अपने घुटनों पर लाने के लिए, जहां सीमा पर भारतीय सेना बहुत अच्छा काम कर रही है, भारत सरकार ने विभिन्न चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगाने और उनसे कई बहु करोड़ परियोजनाओं को वापस लेने का फैसला किया है। इतना ही नहीं, सरकार ने 59 चीनी ऐप्स और गेम्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे रोजाना चीनी कंपनियों को करोड़ों रुपयों का नुकसान हो रहा है। सभी प्रतिबंधित चीनी ऐप्स और गेम्स की पूरी सूची नीचे दी गई है।

  • टिक टॉक
  • शेयर इट
  • क्वाई
  • यूसी ब्राउज़र
  • बाइडू मैप्स
  • शीन
  • डीयू बैटरी सेवर
  • हेलो
  • लईकी
  • योकैम मेकअप
  • एम आई कम्युनिटी
  • सीएम ब्राउनर्स
  • वायरस क्लीनर
  • आपुस ब्राउज़र
  • रोमवी
  • क्लब फैक्टरी
  • न्यूज़डॉग
  • ब्यूटी प्लस
  • वीचैट
  • यूसी न्यूज़
  • वेइबो
  • जेंडर
  • बिगो लाइव
  • सेल्फीसिटी
  • मेल मास्टर
  • मेल मास्टर
  • Mi वीडियो कॉल – सिआओमि
  • वीसिंक
  • ES फ़ाइल एक्सप्लोरर
  • विवा वीडियो – क्व वीडियो इंक
  • मेइतु
  • विगो वीडियो
  • नई वीडियो स्टेटस
  • वॉल्ट हाईड
  • कैश क्लीनर डीयू ऐप स्टूडियो
  • डीयू रिकॉर्डर
  • डीयू क्लीनर
  • डीयू ब्राउज़र
  • हगो – प्ले विथ न्यू फ्रेंड्स
  • कैम स्कैनर
  • क्लीन मास्टर – चीता मोबाइल
  • वंडर कैमरा
  • फोटो वंडर
  • वी मीट
  • स्वीट सेल्फी
  • बाइडू ट्रांसलेट
  • वीमेट
  • QQ मेल
  • QQ प्लेयर
  • QQ म्यूजिक
  • QQ न्यूज़फ़ीड
  • QQ इंटरनेशनल
  • QQ सिक्योरिटी सेंटर
  • QQ लॉन्चर
  • यू वीडियो
  • वी फ्लाई स्टेटस वीडियो
  • DU प्राइवेसी

चीनी गेम्स जो भारत द्वारा बैन किए गए हैं

  • क्लैश ऑफ़ किंग्स
  • मोबाइल लेजेंड्स

जरूर पढ़े

भारत और चीन के बीच सीमा पर चल रहे विवाद के अलावा, चेतावनी दी गई है कि चीन भारत पर साइबर अटैक करवा सकता है, जो करोड़ों भारतीय नागरिकों को प्रभावित कर सकता है, जिसमे आप, में भी शामिल हैं। हालांकि, अगर कुछ उपाय किए जाएं तो साइबर अटैक से बचा जा सकता है। हमारे पास साइबर अटैक पर एक पूरा लेख है जिसमे हमने विभिन्न प्रकार के साइबर अटैक से खुद को सुरक्षित रखने के उपायों के बारे में बताया है। यहाँ यह उल्लेखनीय है की हम थोड़ी सी सावधानी से अपने आप को साइबर अटैक से बचा सकते हैं। साइबर अटैक से हम कैसे बच सकते हैं इसे जानने के लिए इस लेख को ज़रूर पढ़ें। – साइबर अटैक क्या है, इसके प्रकार और इससे कैसे बचे।

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मैं पेशे से एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं, हालांकि मशीनें मुझे उतनी उत्साहित नहीं करती, जितना कि शब्द करते हैं। मुझे लिखना बहुत पसंद है और विभिन्न स्रोतों से मैं लिखने का अभ्यास करता रहता हूं। कुछ समय से मैने इंटरनेट पर अपना योगदान देना शुरू किया है। मैं अंग्रेजी में कुछ अन्य ब्लॉग भी चला रहा हूं। मुझे इस बात की आवश्यकता महसूस हुई कि हिंदी में एक अच्छी वेबसाइट होनी चाहिए जो हिंदी पढ़ने वाले समुदाय को उपयोगी सामग्री प्रदान कर सके। इसलिए, यह ब्लॉग मुख्य रूप से केवल हिंदी पाठकों के लिए केंद्रित है और हर शब्द विशुद्ध रूप से देवनागरी लिपि में लिखा गया है।

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