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आत्महत्या आखिर क्यों? डिप्रेशन होने पर क्या करें

सुशांत सिंह राजपूत, सुसाइड, आत्महत्या, डिप्रेशन क्या होता है, डिप्रेशन का इलाज, आत्महत्या से कैसे बचें

हाल ही में सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या ने दुनिया को झकझोर कर रख दिया है, और बॉलीवुड इंडस्ट्री को बहुत बड़ा झटका दिया है। खबर के मुताबिक, सुशांत सिंह राजपूत ने मुंबई में अपने फ्लैट में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हालांकि सच्चाई क्या है, यह पता लगाने के लिए आगे की जांच की जा रही है। सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या का कारण अभी भी अज्ञात है और कई लोगों का मानना है कि डिप्रेशन इस घटना की एक वजह हो सकती है।

आत्महत्या की घटनाऐं हमें आए दिन अक्सर सुनने को मिलती रहती हैं, कहीं कोई विद्यार्थी पढ़ाई के तनाव, परीक्षा पास नहीं करने या फिर परीक्षा में कम अंक मिलने के कारण आत्महत्या कर रहा है , किसान फसल नष्ट होने, फसल ना होने, फसल का उचित मूल्य ना मिलने या फिर कर्ज ना चुका पाने के कारण आत्महत्या कर रहा है, पारिवारिक कलह, आर्थिक परेशानी, शारीरिक, मानसिक एवं इमोशनल परेशानी आदि आत्महत्या के मुख्य वज़ह हैं।


आत्महत्या की वजह

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एक रिसर्च के मुताबिक, विश्व में कुल मरने वालों की संख्या का 8 वां सबसे बड़ा कारण आत्महत्या है। इतनी बड़ी संख्या होने के बावजूद, आत्महत्या की वज़ह से मरने वाले लोगों में से 90% लोगों द्वारा पूर्व में कोई मनोवैज्ञानिक या अन्य उपचार नहीं लिया जाता। तो आख़िर ऐसी कौन सी वज़ह होती है कि मनुष्य अपनी जिंदगी ही ख़त्म करने पर आमादा हो जाता है। वज़ह क्षणिक भी हो सकता है और कोई पुरानी वज़ह भी हो सकती है। पुरानी वज़ह शायद इतनी गंभीर हो जाती है कि मनुष्य निराश हो जाता है और अपने जीने की इच्छा का ही त्याग कर देता है।

एक रिपोर्ट के अनुसार, पुरे विश्व में लगभग 3 करोड़ लोग डिप्रेशन के शिकार हैं, जिनके मन में अत्यधिक निराशा या डिप्रेशन के समय आत्महत्या का विचार किसी भी समय आ सकता है।


कैसे मदद कर सकते हैं

आपके आस पास यदि कोई ऐसा व्यक्ति, जो निराशा का शिकार हो और आत्महत्या की बातें करता हो तो उसे तुरंत किसी मनोचिकित्सक के पास लेकर जाना चाहिए। इसके लिए, परिवार, दोस्त, साथ काम करने वाले लोग, सामाजिक एवं सरकारी संस्थाओं आदि की मदद ली जा सकती है। ऐसा देखा गया है कि, आत्महत्या करने वाले लोगों में से लगभग 18% लोगों द्वारा पूर्व में भी आत्महत्या की असफल कोशिश की गई होती है। इसलिए डिप्रेशन के शिकार व्यक्ति को तुरंत किसी मनोचिकित्सक (साइकियाट्रिस्ट) या न्यूरोलॉजिस्ट के पास उपचार के लिए ले कर जाएं अन्यथा देर हो सकती है।


डिप्रेशन क्यों होता है

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डिप्रेशन क्यों होता है, यह एक जटिल प्रश्न है, और इसका उत्तर देना काफी कठिन है। डिप्रेशन कई कारणों से हो सकता है और इसकी कोई एक वजह नहीं है, जिसमें से कुछ प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

1. लंबी बीमारी
2. शारीरिक, मानसिक एवं इमोशनल परेशानी
3. पारिवारिक परेशानियां
4. किसी प्रिय जन की मृत्यु
5. कुछ दवाओं का सेवन
6. आर्थिक परेशानियां
7. आनुवंशिक कारण
8. कोई बड़ी उपलब्धि

डिप्रेशन ना केवल दुःख और परेशानियों के कारण ही होता है बल्कि कई बार कोई बड़ी उपलब्धि जैसे, नौकरी लगना, विवाह होना या कोई बड़ी परीक्षा पास करना भी कई बार डिप्रेशन का कारण बन जाता है। डिप्रेशन का चाहे कोई भी कारण रहा हो, यह मनुष्य में निराशा भर देता है और मनुष्य बेवजह अपने आप को अकेला महसूस करने लगता है।

डिप्रेशन की मुख्य वज़ह है, हमारे मस्तिष्क में पाया जाने वाला एक रसायन (केमिकल) जिसकी गड़बड़ी या कमी हमारे शरीर में डिप्रेशन पैदा करता है।


डिप्रेशन का इलाज – डिप्रेशन होने पर क्या करें?

लोगों को यह समझना होगा कि, जैसे दिल (हर्ट) की बीमारी होने पर हम कार्डियोलॉजिस्ट के पास जाते हैं, हार्मोन की गड़बड़ी होने पर इंडॉक्रिनोलॉजिस्ट के पास जाते हैं उसी तरह डिप्रेशन होने पर भी हमें मनोचिकित्सक (साइकियाट्रिस्ट) या न्यूरोलॉजिस्ट के पास उपचार के लिए जाना चाहिए।

डिप्रेशन का कारण हमारे शरीर में केमिकल की गड़बड़ी है, इसलिए हमें पता ही नहीं चलता कि डिप्रेशन क्यों हो रहा है। यही कारण है कि सामान विषम परिस्थितियों के बावजूद कुछ लोगों को डिप्रेशन की समस्या का सामना करना पड़ता है जबकि अन्य लोगों को येसी कोई परेशानी नहीं होती।

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मैं पेशे से एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं, हालांकि मशीनें मुझे उतनी उत्साहित नहीं करती, जितना कि शब्द करते हैं। मुझे लिखना बहुत पसंद है और विभिन्न स्रोतों से मैं लिखने का अभ्यास करता रहता हूं। कुछ समय से मैने इंटरनेट पर अपना योगदान देना शुरू किया है। मैं अंग्रेजी में कुछ अन्य ब्लॉग भी चला रहा हूं। मुझे इस बात की आवश्यकता महसूस हुई कि हिंदी में एक अच्छी वेबसाइट होनी चाहिए जो हिंदी पढ़ने वाले समुदाय को उपयोगी सामग्री प्रदान कर सके। इसलिए, यह ब्लॉग मुख्य रूप से केवल हिंदी पाठकों के लिए केंद्रित है और हर शब्द विशुद्ध रूप से देवनागरी लिपि में लिखा गया है।

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