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सिबिल रिपोर्ट क्या होता है? सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं, कहां से निकलवाएं, और सिबिल रिर्पोट में क्या देखें

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सिबिल रिपोर्ट (Cibil Report), किसी भी व्यक्ति या फर्म की लेन देन संबंधी पिछले रिकार्ड के बारे में सम्पूर्ण जानकारी बयां कर देती है। आपने कहां कहां से कौन कौन सा लोन लिया हुआ है। लोन के भुगतान की स्थिति, किस्त या ब्याज की अदायगी समय से किया गया है या चूक हुई है। कोई लोन सेटल्ड या राईट ऑफ तो नहीं कराया है। किसी लोन के लिए किसी की गारंटी तो नहीं दी हुई है। ये सारी बातें, आपकी सिबिल रिपोर्ट, आपके बताए बिना ही पूरी तरह से बयां कर देती हैं।


सूची








सिबिल स्कोर का महत्व

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सिबिल स्कोर का क्या महत्व होता है, इसके बारे में, उस व्यक्ति से पूछो, जिसका बैंक से लोन लेकर, कोई रोजगार शुरू करने का सपना हो, या फिर, मकान, गाड़ी या दुकान खरीदना हो, लेकिन बैंक ने यह कहकर लोन देने से मना कर दिया कि, आपका सिबिल ठीक नहीं है। बैंक द्वारा कोई भी लोन स्वीकृत किए जाने से पहले, चाहे वह छोटी से छोटी हो या बड़ी से बड़ी, सबसे पहले आपके सिबिल स्कोर की जांच की जाती है, जब आपका और यदि आपका कोई संस्थान है तो दोनों के सिबिल स्कोर की जांच की जाती है और इसके ठीक होने के पश्चात् ही अन्य चीजों जैसे आपकी रिपेमेंट कैपेसिटी (लोन भुगतान करने की क्षमता), कोलेटरल /प्राइमरी सिक्योरिटी, उम्र, लाइसेंस आदि की जांच की जाती है। अर्थात, आपके पास, लोन स्वीकृति से संबंधित सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद, आपको लोन नहीं मिल सकता, यदि आपका सिबिल ठीक नहीं है।

सिबिल रिपोर्ट को मापने का पैमाना होता है उसका सिबिल स्कोर। सिबिल स्कोर जितना अधिक होगा, सिबिल रिपोर्ट उतना ही बढ़िया माना जाता है। सिबिल स्कोर 800 से अधिक जहां काफी बढ़िया माना जाता है वहीं 600 से कम सिबिल स्कोर लोन के लिए योग्य नहीं माना जाता।


सिबिल रिपोर्ट ठीक रखने से संबंधित बारीकियां

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अबतक आप समझ ही गए होंगे, बैंक से किसी भी तरह के क्रेडिट फेसिलिटी लेने के लिए आपके सिबिल का ठीक होना अत्यंत आवश्यक है।

अब हम आपको विस्तार से बताते हैं कि, सिबिल में वे कौन कौन सी महत्वपूर्ण चीजें है जिसे, लोन स्वीकृति से पहले बैंक द्वारा बारीकी से जांच की जाती है। साथ ही हम आपको यह भी बताएंगे, कि, किन छोटी छोटी बातों का ध्यान रखकर, आप अपने सिबिल को ठीक रख सकते हैं, ताकि आपके सिबिल को देखते ही, बैंक आपके लोन की स्वीकृति तुरंत कर दे।

सबसे पहले, आप यह जानिए की, सिबिल रिपोर्ट निकालते कैसे हैं और इसके लिए, किन किन चीजों की आवश्यकता होती है। सिबिल रिपोर्ट निकालने के लिए, सबसे पहले, उस एजेंसी की वेबसाइट पर जाना होता है, जिस एजेंसी से हम किसी का सिबिल रिपोर्ट निकालना चाहते हैं, यहां यह बताना महत्वपूर्ण है कि, सिबिल रिपोर्ट विभिन्न क्रेडिट एजेंसियों के द्वारा जारी किया जाता है, जिसे विभिन्न बैंकिंग संस्थानों द्वारा मान्यता प्रदान किया जाता है। लोन की प्रकृति तथा ऋण राशि को ध्यान में रखकर बैंकों द्वारा एक या एक से अधिक एजेंसियों का सिबिल रिपोर्ट निकाला जाता है। सिबिल रिपोर्ट निकालने के लिए बैंकों द्वारा इन एजेंसियों से लाइसेंस लेना होता है, जिसके लिए बैंकों द्वारा इन एजेंसियों को शुल्क का भी भुगतान करना होता है।


सिबिल स्कोर कैसे बढ़ाएं

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सिबिल स्कोर में स्कोर का आवंटन आपके क्रेडिट डिसिप्लिन पर निर्भर करता है। समय से ब्याज और किस्त की अदायगी आपके सिबिल स्कोर को बढ़ाता है, वहीं ब्याज और किस्त की अदायगी में की गई कोई भी देरी या डिफॉल्ट आपके सिबिल स्कोर पर प्रतिकुल असर डालता है। अर्थात, आपके लेन देन का सही ढंग से होना अत्यंत महत्वपूर्ण है।


सिबिल की त्रुटियों को कैसे ठीक करें

किसी भी सिबिल रिपोर्ट में त्रुटि केवल दो कारणों से हो सकता है:

  • गलत सूचनाओं संबंधी त्रुटि, और
  • पेमेंट डिफॉल्ट से संबंधित त्रुटि।

कई बार, ऐसा भी देखने को मिलता है कि, आपके सिबिल रिपोर्ट में, कुछ ऐसे अकाउंट्स भी दिख रहे हैं, जो आपका है ही नहीं और उस अकाउंट में किया गया डिफॉल्ट, आपके सिबिल स्कोर को खराब कर रहा है, अतः बीच बीच में, आपको अपने सिबिल रिपोर्ट की जांच करते रहना चाहिए।


सिबिल रिपोर्ट कहां से निकलवाएं

आप अपना सिबिल रिपोर्ट खुद भी निकलवा सकते हैं, इसके लिए आपको एक मामूली फीस अदा करना होता है, जो लगभग 550/ रु. होता है।


सिबिल रिपोर्ट में क्या देखें

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सिबिल रिपोर्ट निकलवाने के बाद, आप ध्यान पूर्वक उसका अध्ययन करें, जो आप आसानी से कर सकते हैं –

  1. इस रिर्पोट में ध्यान से देखें, कोई ऐसा अकाउंट तो नजर नहीं आ रहा, जो आपका है ही नहीं,
  2. कोई ऐसा अकाउंट तो नहीं है जो आपने बंद करवा दिया है लेकिन सिबिल रिपोर्ट में अभी भी आउटस्टैंडिंग दिख रहा है।
  3. कोई अकाउंट सेटल्ड या राईट ऑफ तो नहीं है, जिसका आपसे कोई संबंध नही है।

यदि, इस तरह की कोई भी त्रुटी आपको नज़र आ रही है, तो आप इसे सिबिल डिस्प्यूट निराकरण प्रक्रिया (Cibil Dispute Resolution Process) द्वारा, डिस्प्यूट raise कर सकते हैं, अगर इसमें गलत जानकारी आ रही है तो, सिबिल द्वारा इसमें सुधार कर दिया जाता है, जिसमे 6 से 8 महीने तक का समय लग सकता है। डिस्प्यूट raise करने के पश्चात 30दिनों के अंदर सिबिल द्वारा संबंधित क्रेडिटसंस्थाओं से जानकारी प्राप्त किया जाता है और उनके द्वारा दिए गए जानकारी के आधार पर ही आपके सिबिल रिपोर्ट की त्रुटियों को ठीक किया जाता है, यदि इन संस्थाओं द्वारा आपके प्रतिकूल जानकारी दी जाती है तो आपके सिबिल की त्रुटी दूर करना संभव नहीं हो पाएगा, इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि इस अवधि के दौरान संबंधित वित्तीय संस्थानों से संपर्क बनाए रखें।


निष्कर्ष

बैंकों या अन्य वित्तीय संस्थाओं से आर्थिक सहायता प्राप्त करने हेतु, आपका सिबिल रिपोर्ट एक अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज़ है, अतः इसमें किसी भी तरह की त्रुटी की कोई गुंजाइश नहीं है। इसलिए, बीच बीच में अपनी सिबिलरिपोर्ट की जांच करते रहें और इसे त्रुटि रहित बनाए रखें ताकि, जरूरत के समय आप वित्तिय सुविधाओं की उपलब्धता से वंचित ना रह जाएं।

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मैं पेशे से एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियर हूं, हालांकि मशीनें मुझे उतनी उत्साहित नहीं करती, जितना कि शब्द करते हैं। मुझे लिखना बहुत पसंद है और विभिन्न स्रोतों से मैं लिखने का अभ्यास करता रहता हूं। कुछ समय से मैने इंटरनेट पर अपना योगदान देना शुरू किया है। मैं अंग्रेजी में कुछ अन्य ब्लॉग भी चला रहा हूं। मुझे इस बात की आवश्यकता महसूस हुई कि हिंदी में एक अच्छी वेबसाइट होनी चाहिए जो हिंदी पढ़ने वाले समुदाय को उपयोगी सामग्री प्रदान कर सके। इसलिए, यह ब्लॉग मुख्य रूप से केवल हिंदी पाठकों के लिए केंद्रित है और हर शब्द विशुद्ध रूप से देवनागरी लिपि में लिखा गया है।

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